
मुंबई। मायानगरी मुंबई में पहली बार भक्तमाल कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। मुंबई के न्यू मरीन लाइंस स्थित बिरला मातोश्री सभागृह में 12 से 16 सितंबर तक पांच दिवसीय भक्तमाल कथा आयोजित की जा रही है। कथा का वाचन परम पूज्य गुरुदेव श्री पुंडरिक जी के श्रीमुखारविंद से हो रहा है। इस भक्तमाल कथा का आयोजन श्री जुगल बिहारी धूत एवं ज्योति प्रसाद तापड़िया परिवार के संयोजन में किया जा रहा है।
कथा के संबंध में आयोजक अजय धूत ने बताया कि भारतीय संत परंपरा में भक्तों की कथाओं को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि भगवान की कथा मन को पवित्र करती है और भक्तों की कथा स्वयं भगवान को प्रसन्न करती है। भक्तमाल में वर्णित संतों एवं भक्तों का जीवन यह संदेश देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी भक्ति, विश्वास और समर्पण का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
आयोजन का उद्देश्य भक्तों के जीवन, उनकी भक्ति, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट आस्था से समाज को परिचित कराना है।
जबकि संजीव तापड़िया ने कहा कि मुंबई की व्यस्त जीवनशैली के बीच यह आयोजन श्रद्धालुओं को कुछ समय आध्यात्मिक चिंतन, सत्संग और भक्ति के लिए समर्पित करने का अवसर प्रदान करेगा। मुंबई जैसे महानगर में पहली बार भक्तमाल कथा के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।