
मुंबई, 13 जुलाई 2026। भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों एवं श्रीरामचरितमानस के प्रति नई पीढ़ी में श्रद्धा, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों का विकास करने के उद्देश्य से आयोजित अखिल भारतीय “श्रीरामचरितमानस चौपाई” ऑनलाइन प्रतियोगिता–2026 का भव्य परिणाम समारोह रविवार, 12 जुलाई 2026 को ऑनलाइन माध्यम से सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में ज्योति मौर्य ने प्रतियोगिता की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्रीरामचरितमानस के आदर्शों, जीवन-मूल्यों एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से आयोजित इस प्रतियोगिता ने देशभर के प्रतिभागियों को एक मंच पर लाकर न केवल उनकी स्मरण शक्ति, उच्चारण एवं आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव एवं आध्यात्मिक चेतना का भी विकास किया।
कार्यक्रम की विशेष उपस्थिति में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर एवं आध्यात्मिक स्टोरी टेलर ऋषि नंदा जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में बच्चों को श्रीरामचरितमानस के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएँ केवल पुरस्कार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं संस्कारों के विकास का सशक्त साधन हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमाणु वैज्ञानिक श्री विपुल सेन लखनवी ने विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बच्चों को जिज्ञासु, संस्कारवान एवं राष्ट्रनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ काउंसलर श्रीमती शालिनी चौधरी, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं लेखिका किरण खेरुका तथा चिंतक एवं विचारक श्री प्रेमनारायण अग्रवाल ने भी अपने प्रेरक उद्बोधन से सभी को अभिभूत किया। सभी अतिथियों ने इस प्रकार के आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोजकों की सराहना की।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन अक्षु शर्मा ने किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्री ऋषिकेश जोशी, श्री रामलक्ष्मण नौलखा एवं श्रीमती रेखा श्रीवास्तव ने निष्पक्ष एवं सूक्ष्म मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया। निर्णायकों ने बताया कि इस वर्ष प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का स्तर अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिससे चयन प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण रही।
कार्यक्रम के आयोजक मंडल में प्रेमकिशोर रुँगटा, एस. एस. गुप्ता, ऋषिकेश जोशी, देवकीनंदन देवड़ा, दीप्ति चौधरी एवं जे. सी. गुप्ता का उल्लेखनीय योगदान रहा।
प्रतियोगिता के परिणामों की औपचारिक घोषणा श्री ऋषिकेश जोशी ने की। उन्होंने सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ देते हुए अन्य प्रतिभागियों को भी निरंतर अध्ययन एवं अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया।
अंत में श्री जे. सी. गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, आयोजकों, अभिभावकों तथा देशभर से जुड़े प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक स्वरूप लेकर भारतीय संस्कृति एवं श्रीरामचरितमानस के प्रचार-प्रसार का प्रभावी माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम का समापन श्रीराम के जयघोष एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के संकल्प के साथ हुआ।
